रायपुर। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 12वें चरण में राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है। 25 जून से 14 जुलाई तक हुए सर्वे में 1.39 लाख लोगों की जांच में 1884 मलेरिया मरीजों की पहचान हुई, जिनमें से 1165 (61.8%) बिना लक्षण वाले थे।
दंतेवाड़ा में 706 व सुकमा में 372 मरीज मिले, जिनमें अधिकांश साइलेंट संक्रमण के शिकार थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे “बीमारी से पहले पहुँचने” की नीति का परिणाम बताया और स्वास्थ्य टीम को बधाई दी।
जनजातीय अंचलों में घर-घर स्क्रीनिंग, सक्रिय निगरानी, मच्छर नियंत्रण और सामुदायिक भागीदारी से संक्रमण की कड़ी तोड़ी गई है। 27 हजार से अधिक घरों में टीमों की पहुँच और 92% से अधिक LLIN उपयोग इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मलेरिया नियंत्रण अब केवल इलाज नहीं, बल्कि समयबद्ध जागरूकता और रणनीतिक पहुँच का परिणाम है। सरकार इस मॉडल को पूरे राज्य में विस्तार देने की तैयारी में है।

