रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और स्वप्रेरित जनभागीदारी के चलते जल संरक्षण अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज दिवस से प्रारंभ इस अभियान ने पूरे राज्य में जल चेतना को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में पंचायतों द्वारा किए गए नवाचार अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा बनेंगे।
11 हजार ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित कर जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना लाई गई है। 626 क्लस्टर्स में प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन में दक्ष किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि GIS तकनीक से योजना निर्माण और जलदूत ऐप से खुले कुओं के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, और डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे संरचनात्मक उपायों से जल पुनर्भरण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सूचना, शिक्षा व संचार (IEC) गतिविधियों, रैली, दीवार लेखन जैसे अभियानों से जनजागरूकता बढ़ी है और यह चेतना आगे और व्यापक रूप लेगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा सहित कई अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

