छत्तीसगढ़ में योग को जन-जन तक पहुंचाने की पहल तेज़: रायपुर में योग आयोग का मार्गदर्शक मंडल गठित

रायपुर। छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा योग को प्रदेशभर में जनजागरण अभियान के रूप में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 41 सदस्यीय मार्गदर्शक मंडल का गठन किया गया है। राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में शुक्रवार को मंडल की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

योग केवल अभ्यास नहीं, आत्मशुद्धि का साधन: रमेश बैस

बैठक को संबोधित करते हुए श्री बैस ने कहा, “योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग वैश्विक मंच पर है, लेकिन अब जरूरत है कि हम इसे घर-घर तक पहुंचाएं।” उन्होंने मार्गदर्शक मंडल से आग्रह किया कि वे समाज में योग के महत्व को सरल भाषा में जनसाधारण तक पहुंचाएं।

रायपुर से शुरू, प्रदेशभर में फैलेगा अभियान

योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कहा कि रायपुर से शुरू हुआ यह अभियान पूरे प्रदेश में योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की दिशा में काम करेगा। “हमारा लक्ष्य है कि ‘करो योग, रहो निरोग’ केवल नारा न रह जाए, बल्कि लोगों की जीवनशैली बन जाए,” उन्होंने कहा।

रायपुर समेत 20 से अधिक जिलों के प्रतिनिधि शामिल

बैठक में रायपुर, भिलाई, दुर्ग, कवर्धा, कोरबा, चिरमिरी, पाटन, धमतरी, अंतागढ़, जगदलपुर, जामगांव आर समेत 20 से अधिक क्षेत्रों से शिक्षाविद, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, संत, पत्रकार और पूर्व अधिकारी शामिल हुए। इन सभी को मार्गदर्शक मंडल में नामित किया गया है।

प्रशिक्षकों की चयन प्रक्रिया होगी पारदर्शी

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा। इसके लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाई गई है, जिसमें आईएएस श्री जी.आर. चुरेंद्र, योग में पीएचडी डॉ. सी.एल. सोनवानी और वरिष्ठ पत्रकार श्री आसकरण जैन को शामिल किया गया है।

जशपुर में होगी अगली बैठक, स्कूलों में अनिवार्य योग पर विचार

मार्गदर्शक मंडल की आगामी बैठक जशपुर में आयोजित होगी। इसमें गुजरात मॉडल, योग स्टूडियो, योग पत्रिका प्रकाशन, योग सप्ताह, स्कूलों में अनिवार्य योग और योग नवाचार प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।