गांजा तस्करी में मां-बेटे गिरफ्तार, 3.8 किलो गांजा, नकदी और मोबाइल फोन जब्त

रायपुर। रायपुर पुलिस के नशा विरोधी विशेष अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस बार पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में एक महिला और उसके बेटे को धरदबोचा है। दोनों मां-बेटे के पास से 3 किलो 832 ग्राम गांजा, 500 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 42,000 रुपये आंकी गई है।

यह कार्रवाई धरसींवा थाना क्षेत्र के ग्राम सोंड्रा रोड, गोस्वामी होटल के पास की गई, जहां पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक महिला और एक युवक गांजा बिक्री की फिराक में हैं। सूचना मिलने के बाद एएसपी शहर लखन पटले, एएसपी क्राइम संदीप मित्तल, सीएसपी उरला पूर्णिमा लामा और डीएसपी संजय सिंह के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिलतरा पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में महिला ने अपना नाम मीना टण्डन (55 वर्ष) और युवक ने अपना नाम शत्रुहन टण्डन (22 वर्ष) बताया। दोनों धरसींवा थाना क्षेत्र के आनंद चौक, सांकरा के निवासी हैं और आपस में मां-बेटे हैं। टीम ने जब उनके पास मौजूद थैले की तलाशी ली, तो उसमें गांजा पाया गया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना धरसींवा में अपराध क्रमांक 237/25 धारा 20(बी) नारकोटिक एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

पूर्व आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया है कि मीना टण्डन पूर्व में आबकारी एक्ट के दो मामलों में जेल जा चुकी है, जबकि उसका बेटा शत्रुहन टण्डन लूट, नारकोटिक एक्ट और धारा 327 भादवि जैसे गंभीर मामलों में पूर्व में जेल निरुद्ध रह चुका है।

पुलिस टीम में शामिल अधिकारी और जवान
इस कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक सतीश पुरिया, प्र.आर. कुलदीप द्विवेदी, आर. अविनाश देवांगन, हिमांशु राठौर, संदीप सिंह, वीरेंद्र बहादुर तथा सिलतरा सहायता केंद्र से उपनिरीक्षक बालेश्वर लहरे, प्र.आर. शेखर चंद्राकर और महिला आरक्षक सुचिता मिंज की प्रमुख भूमिका रही।

रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।