रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 31वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुका है और छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क ने विकास को नई रफ्तार दी है। एनएच-53 (एशियन हाईवे-46) से लेकर रायपुर-बिलासपुर-कोरबा फोरलेन, रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर और निर्माणाधीन दुर्ग-रायपुर-आरंग बायपास तक, राज्य अब राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है।
आरंग के पास महानदी पर बना सिक्स-लेन ब्रिज, रायपुर का टाटीबंध फ्लाईओवर और बिलासपुर का पेंड्रीडीह इंटरचेंज आधुनिक कनेक्टिविटी के प्रतीक बने हैं। रायपुर-धनबाद कॉरिडोर से उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं नई सड़कों ने बस्तर से मैनपाट और राजिम तक पर्यटन को भी गति दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मजबूत सड़कें मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे विकास का कॉरिडोर बताते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश, रोजगार और व्यापार को नई ऊर्जा मिली है।

