रायपुर। टैगोर नगर स्थित पटवा भवन में पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के दूसरे दिन उपाध्याय मनीष सागरजी महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन में अहंकार त्यागने और सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य का श्रेय देव, गुरु और धर्म को दें, तभी अहंकार रूपी राक्षस दबेगा।
महाराजश्री ने कहा कि जीवन में सरलता लाएं, अपने व्यवहार को सुधारें और सद्गुणों को अपनाएं। उन्होंने बताया कि कल्पसूत्र जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला ग्रंथ है, जो आंतरिक विकास की राह दिखाता है।
उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य शुरू करते समय संकल्प दृढ़ होना चाहिए। आंधी-तूफान आए, तब भी मंजिल की ओर बढ़ते रहना चाहिए। बाहरी और आंतरिक दोनों बाधाओं से पार पाकर ही लक्ष्य की प्राप्ति संभव है।

