रायपुर। रायपुर पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ‘बाइक बोट स्कीम’ गिरोह के तीन मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने ओला/उबेर की तर्ज पर एक बाइक पर इन्वेस्ट कर हर माह मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर देशभर में हजारों निवेशकों को चूना लगाया।
गिरफ्तार आरोपी —
संजय भाटी (51) – ग्राम चीती, थाना दकनौर, गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश
करणपाल सिंह (57) – डिफेंस कॉलोनी, मेरठ, उत्तर प्रदेश
राजेश भारद्वाज (58) – खुर्जा नगर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश
क्या है बाइक बोट स्कीम?
साल 2017 में Gurvit Innovative Promoters Ltd. नामक कंपनी के जरिए ‘बाइक बोट’ स्कीम की शुरुआत की गई थी। इस स्कीम के तहत निवेशकों से कहा गया कि यदि वे ₹62,100 जमा करते हैं तो उन्हें हर माह ₹9,765 का मुनाफा मिलेगा।
देशभर में फैला नेटवर्क, सैकड़ों केस दर्ज
रायपुर पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 200 से अधिक मामले दर्ज हैं:
उत्तर प्रदेश: 150 केस
राजस्थान: 50 केस
मध्यप्रदेश: 6 केस
अन्य राज्य: गुजरात, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र (नागपुर), आंध्रप्रदेश आदि।
विशेष रूप से आरोपी संजय भाटी के खिलाफ NI Act की धारा 138 के तहत 1500 से ज्यादा केस हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल और यूपी में दर्ज हैं।
2800 करोड़ की ठगी का खुलासा
आरोपी संजय भाटी ने पूछताछ में बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत अब तक करीब ₹2800 करोड़ से अधिक की रिकवरी कर लोगों से ठगी की जा चुकी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस घोटाले में सक्रिय है और आरोपियों की कई संपत्तियां पहले ही अटैच की जा चुकी हैं।
रायपुर में कैसे हुआ खुलासा?
थाना सिविल लाइन, रायपुर में वर्ष 2019 में अपराध क्रमांक 463/2019 के तहत धारा 420, 406, 34 IPC में केस दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता अखिल कुमार बिसोई ने बाइक बोट स्कीम में निवेश कर ठगे जाने की शिकायत की थी।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई और सघन कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी फिलहाल केन्द्रीय कारागार भरतपुर/जयपुर (राजस्थान) में निरुद्ध थे, जहां से प्रोडक्शन वारंट के तहत रायपुर लाकर आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

