सांकरा-सिलतरा में सर्विस रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

रायपुर, 19 जून 2025:
सांकरा-सिलतरा क्षेत्र में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब से भारी मालवाहक वाहन धनेली-सांकरा अंडरब्रिज के सर्विस रोड पर नहीं उतर सकेंगे। यह निर्णय हाल ही में एक दर्दनाक दुर्घटना के बाद लिया गया है, जिसमें सर्विस रोड पर एक हाईवा वाहन ने एक साइकिल सवार बच्चे को कुचल दिया था। इस हादसे में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी।

दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की थी कि भारी वाहनों की सर्विस रोड पर आवाजाही तत्काल बंद कराई जाए। ग्रामीणों का कहना था कि कंपनियों में जाने वाले ट्रकों की आवाजाही से न केवल दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, बल्कि आम नागरिकों को भी आवागमन में भारी परेशानी होती है।

प्रशासन ने लिया त्वरित एक्शन

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना अधिकारी श्री राममूर्ति, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) डॉ. प्रशांत शुक्ला, धरसींवा थाना प्रभारी श्री राजेन्द्र दीवान एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के बाद तत्काल प्रभाव से टाटीबंध-सिलतरा बायपास से धनेली-सांकरा अंडरब्रिज पर उतरने वाले भारी वाहनों का मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया। इसके लिए सीमेंट ब्लॉकर लगाए गए और किनारे पर गड्ढा कर दिया गया, जिससे वाहन किसी भी तरह से सर्विस रोड पर न जा सकें।

नई व्यवस्था लागू: तालाब के पास एप्रोच रोड से होगी कंपनियों की एंट्री

कंपनियों में जाने वाले भारी वाहनों के लिए अब सांकरा गांव के तालाब के पास मुख्य मार्ग से एक नया एप्रोच रोड तैयार किया गया है। इस रास्ते से वाहन सीधे सर्विस रोड पर जाकर कंपनियों में प्रवेश करेंगे, जिससे गांव के लोगों को राहत मिलेगी।

ग्रामीणों की अन्य मांगों पर भी सहमति

ग्रामीणों ने क्षेत्र में अंडरब्रिज निर्माण, सर्विस रोड को चरोदा तक चौड़ा करने और आगे धरसींवा तक उसका विस्तार करने की मांग की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इन सभी मुद्दों पर राज्य शासन को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।

स्थानीय निवासियों को मिलेगी राहत

यह निर्णय क्षेत्रीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण से सड़क हादसों में कमी आएगी और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन मिल सकेगा।