राजनांदगांव | छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने शनिवार को राजनांदगांव पहुंचकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नक्सल उन्मूलन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीजीपी गौतम के आगमन पर पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, एसपी मोहित गर्ग, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एसपी लक्ष्य शर्मा, मानपुर-मोहला-अंटागढ़ एसपी यशपाल सिंह और पीटीएस एसपी गजेन्द्र सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
जनसंपर्क, महिला सुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में डीजीपी ने तीनों जिलों के राजपत्रित अधिकारियों से मुलाकात की और कई बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर जनसंपर्क को मजबूत करना, महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा प्राथमिकता होनी चाहिए।
डीजीपी ने अधिकारियों को संवेदनशीलता, तत्परता और ईमानदारी के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि बेसिक पुलिसिंग को फिर से प्रभावी बनाना जरूरी है। अपराधों की निगरानी में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए और सीएसपी व एसडीओपी को क्षेत्रीय भ्रमण कर अपराध की जानकारी लेने की बात कही गई।
नक्सल रणनीति पर भी हुई चर्चा
राजनांदगांव रेंज के चारों जिलों में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समन्वय के साथ संयुक्त रणनीति बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश भी डीजीपी ने दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ठोस कार्रवाई के लिए सभी अधिकारी तैयार रहें।
महिला आरक्षकों से मुलाकात, किया वृक्षारोपण
समीक्षा बैठक के पश्चात डीजीपी पीटीएस राजनांदगांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षणरत महिला आरक्षकों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने उनके प्रशिक्षण और सुविधा की जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने पीटीएस परिसर और पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर रेंज के सभी वरिष्ठ अधिकारी, एएसपी, एसडीओपी एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

