बिजली का झटका! भाजपा सरकार ने फिर बढ़ाया बिजली बिल, महंगाई से त्रस्त जनता पर एक और बोझ: डॉ. चरणदास महंत

रायपुर, 11 जुलाई। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में तीसरी बार वृद्धि को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे जनता के साथ सीधा धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि 18 माह की भाजपा सरकार में बिजली बिल तीसरी बार बढ़ाया गया है, जो आम नागरिकों की कमर तोड़ने वाला फैसला है।

डॉ. महंत ने कहा कि पहले से ही केंद्र की मोदी सरकार की महंगाई ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है, ऊपर से अब बिजली दरों में हुई वृद्धि आम जनजीवन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब न कोयले की कीमतें बढ़ी हैं, न ही अन्य उत्पादन लागत में कोई खास बदलाव आया है, तो फिर बिजली दरें क्यों बढ़ाई जा रही हैं?

उन्होंने स्पष्ट किया कि असली वजह प्रदेश सरकार की लापरवाही है। राज्य सरकार पर छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी का 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया बिजली बिल है। इसके अलावा सरकार के 23 विभागों पर भी करीब 2,300 करोड़ रुपये का बकाया है। इतना बड़ा बकाया होने के बावजूद सरकार बिजली विभाग को आवश्यक सब्सिडी नहीं दे रही, और इस वित्तीय बोझ को आम जनता के कंधों पर डाल रही है।

डॉ. महंत ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता को कुछ राहत मिल सके।

उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने जनहित में जल्द फैसला नहीं लिया, तो कांग्रेस जनता की आवाज़ उठाने सड़कों पर उतरेगी।